आज की तेज रफ्तार जिंदगी में तनाव एक आम बात हो गई है। जब हम लगातार काम के दबाव, पारिवारिक जिम्मेदारियों या वित्तीय चिंताओं से घिरे रहते हैं, तो हमारा शरीर निरंतर 'अलर्ट' मोड में रहता है। यह स्थिति हमारी आंतरिक प्रणालियों पर गहरा प्रभाव डालती है।
शारीरिक दृष्टिकोण से, भावनात्मक तनाव शरीर में विशिष्ट प्रतिक्रियाओं को ट्रिगर करता है जो ऊर्जा के प्रबंधन को बदल सकती हैं। यह प्रभाव सीधे तौर पर दैनिक संतुलन और जीवन शक्ति को प्रभावित करता है, जिससे हम अक्सर थका हुआ और अस्वस्थ महसूस करते हैं।